नोएडा में सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाला एसी स्काईवॉक खुला, तीन साल में 10 बार टली समयसीमा
नोएडा में सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशनों के बीच 460 मीटर लंबा वातानुकूलित स्काईवॉक शुरू हुआ। पहले दिन 45 हजार यात्रियों ने इसका इस्तेमाल किया।
नोएडा में दिल्ली-एनसीआर का पहला वातानुकूलित स्काईवॉक आम लोगों के लिए खोल दिया गया। यह स्काईवॉक नोएडा के सेक्टर-51 स्थित एक्वा लाइन और सेक्टर-52 स्थित ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ता है। रक्षाबंधन के अवसर पर नोएडा प्राधिकरण ने इसे बिना औपचारिक उद्घाटन के परीक्षण आधार पर शुरू किया।
पहले ही दिन 45 हजार से अधिक यात्रियों ने इसका इस्तेमाल किया। करीब 460 मीटर लंबे इस स्काईवॉक से दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच सफर लगभग पांच मिनट में पूरा किया जा सकेगा। बारिश के मौसम में यात्रियों को व्यस्त सड़कों और यातायात से बचाने में भी यह सुविधा मददगार होगी।
इस परियोजना का निर्माण मार्च 2023 में शुरू हुआ था और इसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, डिजाइन में बदलाव, तकनीकी अड़चनों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण की पाबंदियों के कारण काम में लगातार देरी हुई। निर्माण के दौरान जमीन के नीचे मेट्रो केबल मिलने के बाद पहले से तय एक-स्तंभ प्रणाली को बदलकर दो-स्तंभ प्रणाली अपनानी पड़ी।
इसके अलावा सेक्टर-51 स्टेशन के प्रवेश मार्ग पर एक बीम बाधा बन गई, जिसके कारण स्काईवॉक का डिजाइन दोबारा बदला गया और इसकी लंबाई बढ़ाई गई। इन बदलावों के चलते परियोजना की लागत 25 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 33 करोड़ रुपये हो गई। निर्माण के दौरान करीब 10 समयसीमाएं भी चूक गईं।
एल आकार के इस स्काईवॉक की चौड़ाई छह मीटर है। इसमें 10 ट्रैवलेटर, वातानुकूलन, सीसीटीवी कैमरे और अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। पहले यात्रियों को दोनों स्टेशनों के बीच आने-जाने के लिए संकरी और भीड़भाड़ वाली सड़कों से गुजरना पड़ता था।
नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि आवश्यक काम पूरा होने के बाद सुविधा को परीक्षण आधार पर शुरू किया गया है। यात्रियों और तकनीकी टीम से मिलने वाले सुझावों के आधार पर कमियों को दूर किया जाएगा।
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