नोएडा मजदूर प्रदर्शन के बाद डीएम मेधा रूपम का सख्त निर्देश, संशोधित वेतन देना अनिवार्य
नोएडा में मजदूर विरोध के बाद डीएम मेधा रूपम ने संशोधित वेतन लागू करने और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
नोएडा में मजदूरों के वेतन वृद्धि को लेकर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन के बाद मेधा रूपम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आउटसोर्सिंग एजेंसियों और ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि वे सरकार द्वारा तय किए गए नए वेतन मानकों का सख्ती से पालन करें और औद्योगिक शांति बनाए रखें।
गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अपने कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से जुड़े ठेकेदार और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
डीएम ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और एजेंसियों को अपने कर्मचारियों में अनुशासन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अराजक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ब्लैकलिस्टिंग और लाइसेंस रद्द करना शामिल है।
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मेधा रूपम ने कहा कि सभी ठेकेदारों को मजदूरों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन देना होगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के मजदूरों के लिए मासिक वेतन ₹13,690 से ₹16,868 के बीच तय किया है।
उन्होंने योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मजदूरों की मांगों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि मजदूरों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में समय पर ट्रांसफर किया जाए। किसी भी तरह का शोषण या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने उद्योगों, नियोक्ताओं और मजदूरों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों में बाधा सभी के हितों को नुकसान पहुंचाती है।
बैठक में अतुल कुमार सहित कई अधिकारी और औद्योगिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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