भारत-पाक-अफ़ग़ानिस्तान में 1,000 किमी लंबी बारिश की पट्टी ने लाया तूफ़ान और राहत
भारत, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में असामान्य पश्चिमी विक्षोभ से 1,000 किमी लंबी बारिश की पट्टी सक्रिय, तेज़ हवाओं, तूफ़ान और कश्मीर में बर्फबारी का असर जारी।
भारत, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में एक असामान्य मौसम प्रणाली ने 1,000 किमी लंबी सीधी बारिश की पट्टी के साथ कई क्षेत्रों में तूफ़ान, भारी बारिश और तेज़ हवाओं का असर दिखाया है। यह असाधारण पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) सामान्य से अलग है, जो सीधे अफ़ग़ानिस्तान से पाकिस्तान होते हुए भारत में गहरी बारिश और तूफ़ानी गतिविधियाँ ला रहा है।
उत्तर भारत ने कुछ दिन पहले मार्च की असामान्य गर्मी झेली थी, जब दिल्ली में तापमान लगभग 37°C तक पहुँच गया था। इस मौसम प्रणाली के आने से 3-7°C तक गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 20 मार्च तक उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की से भारी बारिश, तूफ़ान और गरज के साथ हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा।
कश्मीर घाटी में गुरुवार (19 मार्च) को उच्च क्षेत्रों जैसे गुलमर्ग और सोनामार्ग में नई बर्फबारी हुई, जबकि मैदानों में भारी बारिश ने तापमान में गिरावट लाई। पिर की गली, रज़दान टॉप, गुरेज और साधना टॉप में भी बर्फबारी हुई। मैदानों में बारिश ने लोगों को गर्म मौसम से राहत दी।
और पढ़ें: दिल्ली में गोलीबारी: बेटे की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल; संदिग्ध गैंग वार की आशंका
IMD ने चेतावनी दी है कि 20 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी जारी रह सकती है, और चेनाब घाटी के ऊपरी हिस्सों और दक्षिण कश्मीर में मध्यम से भारी बर्फबारी होने की संभावना है। 21-24 मार्च के बीच मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा, लेकिन 23, 26-28 और 29-31 मार्च को बर्फ और बारिश की संभावना बनी रहेगी। किसानों को 21 मार्च के बाद खेती का काम फिर से शुरू करने की सलाह दी गई है।
और पढ़ें: भारत ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट पर पाकिस्तान को परमाणु खतरे के रूप में चिन्हित करने पर जताई सहमति