हिमाचल प्रदेश: उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में अंतर-राज्यीय लंबित मुद्दों पर मंथन, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बोले—पीडब्ल्यूएस की भूमिका होगी विस्तृत
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में जल, ऊर्जा और सीमा मुद्दों पर चर्चा हुई। सीएम सुक्खू ने कहा कि पीडब्ल्यूएस की भूमिका सड़कों से आगे बढ़ाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (North Zone Council) की स्थायी समिति की 22वीं बैठक के दूसरे दिन लंबे समय से लंबित अंतर-राज्यीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जल बंटवारे, बुनियादी ढांचे के विकास, ऊर्जा परियोजनाओं, सीमा प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक में कहा कि राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करना समय की आवश्यकता है, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और विवादों का समाधान आपसी सहमति से किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पीडब्ल्यूएस (लोक निर्माण एवं संबंधित सेवाएं) की भूमिका अब केवल सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी विस्तार दिया जाएगा।
बैठक में मौजूद विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने जल संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि पानी का उचित वितरण कृषि, उद्योग और पेयजल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सीमा प्रशासन और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भी बैठक में गंभीरता से विचार किया गया। राज्यों ने आपसी सहयोग बढ़ाने, सूचना साझा करने और समन्वय तंत्र को मजबूत करने पर सहमति जताई।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता दे रही है और सभी लंबित अंतर-राज्यीय मुद्दों का समाधान संवाद के माध्यम से करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल को विकास के लिए आवश्यक बताया।
बैठक के दौरान अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की चुनौतियों को साझा किया और समाधान के लिए कई सुझाव भी प्रस्तुत किए।
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