देशभर में प्रवासन सर्वे करेगा एनएसओ, जुलाई 2026 से जून 2027 तक होगा अध्ययन
एनएसओ जुलाई 2026 से जून 2027 तक देशव्यापी प्रवासन सर्वे करेगा, जिससे प्रवासन के कारणों, रुझानों और रोजगार प्रोफाइल पर अद्यतन आंकड़े मिलेंगे।
केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) देशभर में प्रवासन पर एक व्यापक सर्वेक्षण कराने जा रहा है। यह सर्वे जुलाई 2026 से जून 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत में प्रवासन के बदलते रुझानों पर अद्यतन और विस्तृत आंकड़े जुटाना है।
राज्यसभा में सोमवार को एक लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह ने जानकारी दी कि प्रस्तावित सर्वे के तहत ग्रामीण–शहरी और अंतर-राज्यीय प्रवासन सहित प्रवासन की प्रकृति और स्तर का गहन अध्ययन किया जाएगा। सर्वे में प्रवासन के कारणों, वापसी प्रवासन, मौसमी प्रवासन और प्रवासियों की रोजगार प्रोफाइल से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, इस सर्वे से प्राप्त आंकड़े नीति निर्माताओं, योजनाकारों, शोधकर्ताओं और विकास से जुड़े पेशेवरों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। इसके माध्यम से शहरी नियोजन, आवास, परिवहन अवसंरचना, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अधिक लक्षित और प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकेंगी।
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गौरतलब है कि MoSPI द्वारा समय-समय पर प्रवासन सर्वेक्षण किए जाते रहे हैं। हालिया वर्षों में प्रवासन से संबंधित आंकड़े आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2020-21 और मल्टीपल इंडिकेटर सर्वे 2020-21 के माध्यम से एकत्र किए गए थे।
PLFS 2020-21 के अनुसार, भारत में कुल प्रवासन दर 28.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस सर्वे ने प्रवासन के पैटर्न में स्पष्ट लैंगिक अंतर भी उजागर किए। अखिल भारतीय स्तर पर पुरुषों में प्रवासन दर 10.7 प्रतिशत आंकी गई, जबकि महिलाओं में यह दर 47.9 प्रतिशत रही।
लिंग के आधार पर प्रवासन के कारणों में भी उल्लेखनीय अंतर पाया गया। महिलाओं के बीच विवाह प्रमुख कारण रहा, जो कुल महिला प्रवासियों का लगभग 86.8 प्रतिशत है। इसके विपरीत, पुरुषों में रोजगार या बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश प्रवासन का सबसे बड़ा कारण रहा, जिसकी हिस्सेदारी 22.8 प्रतिशत रही।
ये रुझान भारत में प्रवासन की लैंगिक-विशिष्ट प्रकृति को रेखांकित करते हैं, जहां महिलाओं का प्रवासन मुख्यतः सामाजिक कारणों से और पुरुषों का प्रवासन श्रम बाजार से जुड़े अवसरों से प्रेरित होता है। आगामी एनएसओ सर्वे से इन प्रवृत्तियों की और गहराई से समझ विकसित होने की उम्मीद है।