ओडिशा में 12 घंटे का बंद शुरू, संबलपुर में रेल सेवाएं प्रभावित; बीजेडी ने आंदोलन से बनाई दूरी
ओडिशा में इंडिया गठबंधन के दलों का 12 घंटे का बंद शुरू हुआ। पाठ्यपुस्तक त्रुटियों, खनन कानून, मतदाता सूची पुनरीक्षण और सीईसी इस्तीफे को लेकर विरोध है।
ओडिशा में इंडिया गठबंधन के दलों द्वारा गुरुवार को बुलाया गया 12 घंटे का राज्यव्यापी बंद शुरू हो गया है। बंद के कारण राज्य के कई हिस्सों में परिवहन और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है। संबलपुर में रेल सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है।
इंडिया गठबंधन के दलों ने स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों, नए खनन कानून, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारी इन मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी विरोध कर रहे हैं।
बंद को देखते हुए कुछ निजी शिक्षण संस्थानों और कॉलेजों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की सलाह दी गई है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से स्कूलों को बंद रखने का कोई विशेष आदेश जारी नहीं किया गया है। अस्पताल, एंबुलेंस, दमकल सेवाएं, दवा की दुकानें और दूध की आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
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कांग्रेस ने लोगों से बंद में शामिल होने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता को इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए।
हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाला बीजू जनता दल (बीजेडी) इस बंद से दूर रहेगा। पार्टी के मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने कहा कि बीजेडी ओडिशा के लोगों के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करता है और कांग्रेस तथा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दोनों से समान दूरी बनाए रखता है।
ओडिशा सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।