ओडिशा में भारी बारिश के बीच सीएम मोहन चरण माझी ने की समीक्षा, अधिकारियों को जीरो कैजुअल्टी का निर्देश
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और राहत-बचाव कार्यों में जीरो कैजुअल्टी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव क्षेत्र के कारण राज्य में हो रही बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों के लिए सर्वोच्च स्तर की तैयारी बनाए रखने तथा “जीरो कैजुअल्टी” यानी किसी भी तरह की जनहानि रोकने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संभावित बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने को कहा।
मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को संवेदनशील और निचले इलाकों में लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाओं, भोजन, पेयजल और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
और पढ़ें: ओडिशा में तीन साल में 45 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने में देरी नहीं करनी चाहिए। जिला स्तर पर अधिकारियों को आपस में समन्वय बनाए रखने और मौसम संबंधी चेतावनियों के आधार पर तत्काल कदम उठाने के लिए कहा गया है।
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियां तेज कर दी हैं।
अधिकारियों को नदियों, जलाशयों और बांधों के जलस्तर पर नजर रखने तथा बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। उन्होंने प्रशासन को सतर्क रहते हुए बचाव एवं राहत व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और किसी भी संभावित जनहानि को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।
और पढ़ें: चक्रवात अर्नब : 3-4 घंटे में लैंडफॉल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश