ओडिशा राज्यसभा चुनाव: चार सीटों के लिए पाँच उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, क्रॉस वोटिंग की संभावना
ओडिशा में चार राज्यसभा सीटों के लिए पाँच उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। संख्या बल की कमी के कारण चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है।
भुवनेश्वर में गुरुवार को ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों के लिए कुल पाँच उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इनमें दो उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के, दो बीजू जनता दल (बीजेडी) के और एक निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। सीटों से अधिक उम्मीदवारों के मैदान में आने के कारण चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ गई है।
बीजेपी की ओर से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और वर्तमान राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अपना नामांकन दाखिल किया। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है, लेकिन उन्हें बीजेपी का समर्थन प्राप्त है।
वहीं, बीजेडी की ओर से पार्टी नेता संत्रुप्त मिश्रा और प्रसिद्ध मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दत्तेश्वर होता ने नामांकन पत्र दाखिल किया। डॉ. होता को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का समर्थन प्राप्त है।
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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ओडिशा विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर न तो सत्तारूढ़ पार्टी और न ही विपक्ष के पास चौथी सीट जीतने के लिए पर्याप्त वोट हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावना से चुनाव रोचक हो गया है।
राज्यसभा चुनाव में विधायकों के वोट के आधार पर उम्मीदवारों का चयन होता है। यदि किसी पार्टी के पास पर्याप्त संख्या नहीं होती, तो अन्य दलों के विधायकों के समर्थन या क्रॉस वोटिंग से परिणाम प्रभावित हो सकता है।
इस चुनाव को ओडिशा की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य में दलों की राजनीतिक रणनीति और गठबंधन की स्थिति का भी संकेत मिलेगा।
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