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पुरी रथ यात्रा की तैयारी सात महीने पहले शुरू, पिछले साल की भगदड़ से सबक

ओडिशा सरकार ने 2025 की भगदड़ से सबक लेते हुए पुरी रथ यात्रा की तैयारी सात महीने पहले शुरू की है, ताकि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कोई चूक न हो।

ओडिशा सरकार ने वर्ष 2025 में हुई भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए इस बार पुरी रथ यात्रा की तैयारियां सात महीने पहले ही शुरू कर दी है, ताकि विश्व प्रसिद्ध इस महोत्सव के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो। बुधवार (14 जनवरी, 2026) को अधिकारियों ने बताया कि सरकार का लक्ष्य “शून्य-त्रुटि” व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने मंगलवार (13 जनवरी) की शाम एक उच्चस्तरीय तैयारी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे पिछले वर्षों, विशेषकर 2025 की रथ यात्रा के दौरान हुई कमियों की पहचान करें और उन्हें दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम लागू करें। उन्होंने कहा, “मेगा आयोजन में अभी सात महीने शेष हैं। इस अवधि में पूरी तरह त्रुटिरहित योजना बनाई जा सकती है।”

इस बैठक में डीजीपी वाई.बी. खुरानिया, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक सुधांशु सारंगी, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाढ़ी, पुरी कलेक्टर दिब्यज्योति परिदा और पुरी एसपी प्रतीक सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आमतौर पर रथ यात्रा से चार महीने पहले राज्य स्तरीय बैठक होती है, लेकिन इस बार इसे पहले आयोजित किया गया है। रथ यात्रा 16 जुलाई, 2026 को होगी।

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मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती, इसलिए सभी विभागों को अभी से ठोस और सुरक्षित योजनाएं बनाने को कहा गया है। पिछले साल रथ यात्रा के दौरान भगदड़ में तीन लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। रथ खींचने में देरी को लेकर भी श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।

अधिकारियों के अनुसार, इस बार बैठक का मुख्य फोकस भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, बुनियादी ढांचा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहा। हर साल बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी उसी अनुपात में मजबूत किया जाएगा। पिछले वर्ष करीब 10 लाख श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे।

रथ निर्माण के लिए हर साल 865 लकड़ियों की आवश्यकता होती है। पिछले वर्ष की 47 लकड़ियां शेष होने के कारण अब बाकी 818 लकड़ियों की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, ग्रैंड रोड पर मुफ्त भोजन वितरण पर रोक लगाने, रथ के पास अत्यधिक भीड़ न जुटने देने और करीब 500 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित करने का निर्णय भी लिया गया है।

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