अमेरिकी धमकी के कारण रूस से तेल खरीद में आई भारी गिरावट: पी. चिदंबरम
पी. चिदंबरम ने कहा कि अमेरिकी धमकी के कारण रूस से तेल खरीद घटी है और भारत को रूस या वेनेजुएला सहित किसी भी देश से तेल खरीदने का अधिकार होना चाहिए।
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि भारत को जहां भी और जिससे भी उचित दाम पर तेल उपलब्ध हो, वहां से तेल खरीदने का अधिकार होना चाहिए। वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका की धमकी के कारण भारत की रूस से तेल खरीद में भारी गिरावट आई है।
पी. चिदंबरम ने कहा, “मुझे इसके निहितार्थों की जानकारी नहीं है। मुझे यह भी नहीं पता कि भारत और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर क्या समझ बनी है। हमें जहां भी तेल उपलब्ध हो, चाहे वह रूस हो, वेनेजुएला हो या कोई और देश, वहां से तेल खरीदना चाहिए।”
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वेनेजुएला से तेल खरीद को लेकर यदि कोई जटिलताएं हैं, तो इसकी जानकारी केवल विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को ही होगी। चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि रूस से तेल की खरीद अमेरिकी दबाव या धमकी के चलते तेजी से घटी है।
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उन्होंने कहा, “हमारी रूस से तेल खरीद अमेरिकी धमकी के कारण कम हुई है। अब यदि हमें वेनेजुएला से उचित मूल्य पर तेल मिल सकता है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए? लेकिन इसमें कौन-कौन सी जटिलताएं सामने आएंगी, यह केवल विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री ही जानते होंगे।”
इससे पहले रविवार (1 फरवरी 2026) को पी. चिदंबरम ने राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी। ट्रंप ने अमेरिका में कहा था कि भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि भारत पहले ही वेनेजुएला से तेल खरीदने को लेकर एक समझौता कर चुका है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अब तक ट्रंप के इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।