जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं देकर सजा दी जा रही है: उमर अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने में देरी की जा रही है। उन्होंने सभी दलों से जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य का दर्जा बहाल करने में अनावश्यक देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार "उचित समय" आने की बात कही जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि वह समय कब आएगा। उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर के लोगों के धैर्य को उनकी कमजोरी समझा जा रहा है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को सत्ता सौंपी है, लेकिन इसके बावजूद राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों ने जिस तरह मतदान किया, उसके कारण प्रदेश को राज्य का दर्जा मिलने में देरी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों से शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों और राज्य के दर्जे का मुद्दा है।
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इस बीच, शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की पत्नी और नेशनल कॉन्फ्रेंस की वरिष्ठ नेता बेगम अकबर जहां अब्दुल्ला की 26वीं पुण्यतिथि पर नसीम बाग में एक बड़ी सभा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
पार्टी नेताओं के अनुसार, वर्ष 1990 के बाद पहली बार नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने संस्थापक नेताओं की कब्रगाह पर इतने बड़े स्तर पर जनसभा आयोजित की। इस आयोजन को पार्टी की राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास जताया है और अब उनकी संवैधानिक मांगों को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।
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