पाकिस्तान युद्धविराम चाहता था, भारत ने कराया इंतजार: ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान का बड़ा खुलासा
पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के युद्धविराम अनुरोध को तुरंत स्वीकार नहीं किया और सैन्य लक्ष्य पूरे होने तक कार्रवाई जारी रखी।
पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि भारत ने पाकिस्तान की ओर से आए युद्धविराम (सीज़फायर) के अनुरोध को जानबूझकर तुरंत स्वीकार नहीं किया था। उनका कहना है कि भारतीय सेना अपने निर्धारित सैन्य लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल करना चाहती थी, इसलिए कार्रवाई जारी रखी गई।
द प्रिंट के कार्यक्रम ऑफ द कफ में बातचीत के दौरान जनरल चौहान ने बताया कि 10 मई 2025 की सुबह पाकिस्तान ने डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) हॉटलाइन के जरिए भारत से तत्काल युद्धविराम की अपील की थी। हालांकि उस समय भारतीय सेना की कई योजनाबद्ध सैन्य कार्रवाइयां अभी बाकी थीं, इसलिए भारत ने तत्काल सहमति नहीं दी।
उन्होंने कहा कि 9 मई तक पाकिस्तान की ओर से बेहद आक्रामक बयान दिए जा रहे थे और दावा किया जा रहा था कि वह 48 घंटे में भारत को जवाब देगा। लेकिन अगले ही दिन सुबह लगभग आठ घंटे के भीतर पाकिस्तान ने बातचीत के लिए संपर्क किया। जनरल चौहान के अनुसार, उस समय तक भारतीय सेना अपनी आधी योजनाएं भी पूरी नहीं कर पाई थी।
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पूर्व सीडीएस ने बताया कि भारत ने 9 मई की रात से 10 मई की दोपहर तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी। इस दौरान पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों और वायुसेना अड्डों को निशाना बनाया गया। हमलों में विमान हैंगर, रडार स्टेशन और अन्य सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया। उनका कहना था कि इन हमलों का उद्देश्य यह स्पष्ट संदेश देना था कि पाकिस्तान का कोई भी सैन्य ठिकाना भारतीय सेना की पहुंच से बाहर नहीं है।
जनरल चौहान ने दावा किया कि रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस, रहीम यार खान और भोलारी जैसे कई अहम सैन्य ठिकानों को गंभीर क्षति पहुंची, जिनकी अब भी मरम्मत चल रही है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 25 पर्यटकों की जान गई थी। पहले चरण में भारत ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के बीच भारत ने अपने सैन्य अभियान का दायरा और बढ़ा दिया।
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