ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति बदली, पूर्व सेना प्रमुख नरवणे का बड़ा खुलासा
पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति में बड़ा बदलाव किया। आतंकवाद के समर्थकों को कहीं भी निशाना बनाया गया।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत के सैन्य दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में केवल सीमा के पास मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि पाकिस्तान के भीतर आतंकवादियों को समर्थन देने वाले लोगों और ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
वडोदरा में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद नरवणे ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद किया गया ऑपरेशन सिंदूर बेहद जरूरी था। उनके मुताबिक, इस अभियान ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवादियों को समर्थन देने वाले लोग दुनिया में कहीं भी छिपे हों, वे भारत की कार्रवाई से बच नहीं सकते।
नरवणे ने कहा कि इससे पहले उरी और पुलवामा जैसे आतंकी हमलों के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई मुख्य रूप से सीमा के नजदीक स्थित आतंकी ठिकानों तक सीमित रही थी। उरी हमले के बाद कार्रवाई और पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में किए गए हवाई हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले मुख्य लक्ष्य सीमा के करीब मौजूद आतंकी ढांचे थे।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में रणनीति अलग रही। इस बार आतंकवादियों के साथ-साथ उन्हें समर्थन और संसाधन उपलब्ध कराने वालों को भी निशाना बनाया गया। नरवणे के अनुसार, कार्रवाई नियंत्रण रेखा के पास तक सीमित नहीं रही, बल्कि पाकिस्तान के भीतर मुरीदके और बहावलपुर जैसे स्थानों तक पहुंची, जहां से आतंकवादियों को कथित तौर पर समर्थन मिलता था।
पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि भारत ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में समर्थन देने वालों को कहीं भी सुरक्षा नहीं मिलेगी। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ उनके क्षेत्र में जाकर कार्रवाई करने की बात कही थी।
सिंधु जल क्षेत्र और सर क्रीक सेक्टर में पाकिस्तान की कथित गतिविधियों तथा ‘ऑपरेशन अबाबील’ के बारे में पूछे जाने पर नरवणे ने कहा कि ऐसी गतिविधियां होती रहती हैं, लेकिन उनके पास इस अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं है।
पाकिस्तान की भारत से मुकाबला करने की क्षमता के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी राय में पाकिस्तान भारत का सामना करने में सक्षम नहीं है।
भारत-चीन संबंधों पर नरवणे ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हालिया बातचीत को दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता का 25वां दौर था।