ऑपरेशन टाइगर फिर सक्रिय, महाराष्ट्र में उद्धव गुट के सांसदों को तोड़ने की कोशिश तेज
महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ फिर शुरू किया है, जिसमें उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कथित तौर पर ‘ऑपरेशन टाइगर’ को दोबारा सक्रिय कर दिया है, जिसका उद्देश्य शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के सांसदों को अपने खेमे में शामिल करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा परिषद चुनावों से पहले शिंदे गुट विपक्षी खेमे को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है। बताया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे ने कुछ सांसदों से मुलाकात भी की थी।
हालांकि, उद्धव ठाकरे गुट ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी के सभी सांसद पूरी तरह एकजुट हैं और किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कोशिश सफल नहीं होगी।
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राउत ने आरोप लगाया कि इस तरह की खबरें राजनीतिक माहौल को खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली में बड़ी भूमिका निभानी है तो उन्हें ऐसी “निम्न स्तर की राजनीति” रोकनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट का लक्ष्य उद्धव ठाकरे गुट के सभी नौ लोकसभा सांसदों को अपने पक्ष में करना है, ताकि राजनीतिक ताकत बढ़ाई जा सके।
हाल ही में कुछ उद्धव गुट के नेता शिवसेना सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा आयोजित डिनर में भी शामिल हुए थे, हालांकि उन्होंने इसे केवल औपचारिक आमंत्रण बताया था।
फिलहाल शिवसेना के पास लोकसभा में सात सांसद हैं, लेकिन यदि उद्धव गुट के नौ सांसद शिंदे गुट में शामिल होते हैं तो यह संख्या बढ़कर 16 हो सकती है, जिससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की स्थिति और मजबूत हो जाएगी।
हालांकि शिंदे गुट का कहना है कि उन्हें ‘ऑपरेशन टाइगर’ की जरूरत नहीं है, लेकिन कई विपक्षी नेताओं के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई सियासी सरगर्मी पैदा कर दी है।
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