ऑपरेशन टाइगर के तहत उद्धव गुट के 7 सांसद शिंदे खेमे में जा सकते हैं, शिवसेना में सियासी हलचल तेज
महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उद्धव गुट के 7 सांसद शिंदे खेमे में शामिल हो सकते हैं। उद्धव ठाकरे ने बैठक कर एकजुटता का दावा किया, लेकिन अटकलें जारी हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (यूबीटी) गुट के सात सांसद जल्द ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस के मौके पर ये सांसद पहले एक अलग समूह बनाएंगे और फिर शिंदे गुट में विलय कर सकते हैं।
शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि वे पिछले कई दिनों से इन सात सांसदों के संपर्क में हैं और बातचीत जारी है। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
उधर, इन अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने लोकसभा सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई। यह बैठक मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित उनके आवास ‘मातोश्री’ पर हुई, जिसमें कुल नौ सांसदों ने प्रत्यक्ष या वर्चुअल रूप से भाग लिया।
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राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बैठक के बाद कहा कि सभी सांसद पूरी तरह से पार्टी के प्रति निष्ठावान हैं और किसी तरह के दलबदल की खबरें केवल अफवाह हैं। उन्होंने बताया कि चार सांसदों ने व्यक्तिगत रूप से बैठक में भाग लिया, जबकि चार ने ऑनलाइन हिस्सा लिया और एक सांसद ने फोन पर बातचीत की।
राउत ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि मुंबई के अनिल देसाई, अरविंद सावंत और संजय पाटिल सहित चार सांसद बैठक में मौजूद थे, जबकि अन्य सांसदों ने वर्चुअली भाग लिया।
बैठक में उद्धव ठाकरे ने सांसदों को निर्देश दिया कि वे महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित किसान ऋण माफी योजना की निगरानी करें और अपने-अपने क्षेत्रों में विधायकों के साथ समन्वय बनाए रखें।
हालांकि बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने दावा किया कि सभी सांसद एकजुट हैं, लेकिन ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर राजनीतिक अटकलें अभी भी जारी हैं।