शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना चर्चा नहीं, पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाया
नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने संसद में चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने रुख स्पष्ट किया।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि सभी विपक्षी दलों ने फैसला किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्षी दलों ने अपना निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बता दिया है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की सभी पार्टियां इस मांग पर सहमत हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी (आप) और द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) इस रुख से अलग हैं।
विपक्ष का यह फैसला ऐसे समय आया है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विपक्षी दलों का आरोप है कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को इस मामले की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ते, तब तक संसद में सार्थक चर्चा संभव नहीं है।
वहीं, केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि वह नीट पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नीट विवाद को लेकर संसद के बाहर भी राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है। छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है।
और पढ़ें: ग्रीनलाइन और डाबर इंडिया की साझेदारी, एलएनजी ट्रकों से सप्लाई चेन को हरित बनाने की पहल