हरियाणा: विपक्षी सांसदों को सोनम वांगचुक से मिलने से रोका गया, पत्नी गीतांजलि आंगमो को सौंपा पत्र
विपक्षी सांसदों को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिलने से रोका गया। उन्होंने पत्नी गीतांजलि आंगमो को पत्र सौंपकर अनशन खत्म करने की अपील की।
हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो को अपना पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की।
सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर हैं। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए कई विपक्षी नेताओं ने उनसे मुलाकात कर अनशन खत्म करने का आग्रह करने की कोशिश की थी।
विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल जब मेदांता अस्पताल पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें सोनम वांगचुक से मिलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपना संदेश और पत्र उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो को सौंप दिया।
पत्र में सांसदों ने कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्ति हैं और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अपना अनशन समाप्त कर देना चाहिए। विपक्षी नेताओं ने उनसे अपील की कि वह अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाते रहें, लेकिन अपने स्वास्थ्य को खतरे में न डालें।
सोनम वांगचुक ने इससे पहले केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि वह अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं करने का स्पष्ट आश्वासन देगी।
वांगचुक ने सरकार से छात्रों के हितों और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस आश्वासन मांगा है। उन्होंने कहा कि वह अपने छात्रों और समाज के लिए काम करना चाहते हैं, लेकिन आंदोलन में शामिल युवाओं की सुरक्षा की कीमत पर अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन लगातार जारी है। विपक्षी दल इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठा रहे हैं और सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।