जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में लश्कर का पाकिस्तानी कमांडर यासिर ढेर
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी कमांडर यासिर को मार गिराया। एजेंसियां उसके नेटवर्क और आतंकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बडगाम के युसमर्ग इलाके में हुई मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादी और कमांडर यासिर को मार गिराया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आतंकवादी को ऑपरेशन अशदर के दौरान ढेर किया गया। यासिर पाकिस्तान का रहने वाला था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद विशेष बलों और 53 राष्ट्रीय राइफल्स की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों का आतंकवादियों से सामना हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई।
कौन था लश्कर कमांडर यासिर?
रिपोर्टों के मुताबिक, यासिर पहले लश्कर-ए-तैयबा के सुलेमान मूसा समूह का हिस्सा था। करीब एक साल पहले वह इस समूह से अलग हो गया था और इसके बाद स्वतंत्र रूप से गतिविधियां चला रहा था। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी गतिविधियों और आवाजाही पर नजर रख रही थीं।
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बताया गया कि समूह से अलग होने के बाद यासिर बडगाम क्षेत्र में लश्कर के एक प्रमुख सक्रिय सदस्य के तौर पर उभरा था। युसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप मुठभेड़ हुई।
यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क और लश्कर के अन्य आतंकियों के साथ संबंधों की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में हाल की आतंकी घटनाओं की योजना बनाने या उन्हें अंजाम देने में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं।
सुलेमान मूसा भी मारा गया था
सुलेमान मूसा, जिसे हाशिम मूसा के नाम से भी जाना जाता था, 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल बताया गया था। हमले के कुछ महीनों बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के दाचीगाम वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में उसे मार गिराया था।
इससे पहले शुक्रवार को भी बडगाम के अशदर गली इलाके में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया था। मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल भी बरामद की गई थी।