पाकिस्तान ने बैसाखी उत्सव के लिए 2,800 से अधिक भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा जारी किए
पाकिस्तान ने बैसाखी महोत्सव के लिए भारत के 2,800 से अधिक सिख तीर्थयात्रियों को वीजा दिए हैं। तीर्थयात्री प्रमुख गुरुद्वारों का दर्शन करेंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
पाकिस्तान ने बैसाखी महोत्सव के अवसर पर भारत से आने वाले सिख तीर्थयात्रियों को 2,800 से अधिक वीजा जारी किए हैं। यह महोत्सव पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 10 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच आयोजित होगा। भारतीय तीर्थयात्री इस दौरान प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों का दौरा करेंगे, जिनमें गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा ननकाना साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब शामिल हैं।
नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग ने मंगलवार को यह अधिकारिक घोषणा की। उच्चायोग के अनुसार, यह वीजा 1974 के भारत-पाकिस्तान धार्मिक स्थलों की यात्रा प्रोटोकॉल के तहत जारी किए गए हैं, जो दोनों देशों के बीच धार्मिक यात्राओं को सुगम बनाने के लिए लंबे समय से लागू है।
एवाक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) के प्रवक्ता गुलाम मोहियुद्दीन ने बताया कि बैसाखी और 327वें खालसा जन्म दिवस के अवसर पर यह वीजा जारी किए गए हैं। भारतीय तीर्थयात्री 10 अप्रैल को वाघा सीमा से पाकिस्तान प्रवेश करेंगे। मुख्य समारोह 14 अप्रैल को हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब में होगा, जो लाहौर से लगभग 400 किलोमीटर दूर है।
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गुरुद्वारा पंजा साहिब बैसाखी उत्सव का मुख्य केंद्र है, जहां भक्त कीर्तन, अरदास और लंगर में भाग लेते हैं। गुरुद्वारा ननकाना साहिब गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान है, जबकि गुरुद्वारा करतारपुर साहिब उनके अंतिम दिनों से जुड़ा पवित्र स्थल है। बैसाखी के अवसर पर इन स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विशेषज्ञ इसे दोनों देशों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं। पिछले वर्षों में भी बैसाखी, गुरु नानक जयंती और अन्य पर्वों पर हजारों सिख तीर्थयात्रियों को वीजा दिए जाते रहे हैं।
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