पाकिस्तान से दुबई तक फैला फंडिंग नेटवर्क! रफीक चांद से पूछताछ में मिले अहम सुराग, करोड़ों के लेन-देन की जांच जारी
आईएसआई के लिए कथित जासूसी और फंडिंग नेटवर्क चलाने के आरोप में गिरफ्तार रफीक चांद से पूछताछ में पाकिस्तान और दुबई से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कथित जासूसी और फंडिंग नेटवर्क संचालित करने के आरोप में गिरफ्तार रफीक चांद शेख को पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद जयपुर की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि रफीक चांद पिछले करीब चार वर्षों से पाकिस्तान में मौजूद आईएसआई हैंडलर्स के संपर्क में था। आरोप है कि वह भारत में सक्रिय संदिग्ध नेटवर्क तक धन पहुंचाने और जासूसी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद जुटाने का काम कर रहा था।
सीआईडी इंटेलिजेंस ने आरोपी को महाराष्ट्र के औरंगाबाद से गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड के दौरान उससे पाकिस्तान स्थित संपर्कों, फंडिंग नेटवर्क, हवाला लेन-देन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विस्तृत पूछताछ की गई।
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जांच एजेंसियों के अनुसार, रफीक चांद पाकिस्तान से जुड़े कई हैंडलर्स के लिए फंडिंग का मुख्य जरिया था। उसके संबंध पाकिस्तान और दुबई के हवाला कारोबारियों से होने की बात सामने आई है। एजेंसियां अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सुदेश सातवान ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि रफीक चांद पाकिस्तान के साथ-साथ दुबई के हवाला कारोबारियों के संपर्क में था और उसने करोड़ों रुपये के लेन-देन किए हैं।
जांच के दौरान आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल से भी कई जानकारियां बरामद की गई हैं। एजेंसियों के अनुसार, कुछ लोगों के बैंक खातों से रफीक चांद के खाते में धनराशि आने के संकेत मिले हैं। इन लेन-देन को लेकर उससे पूछताछ की गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
अधिकारियों ने बताया कि अभी तक करोड़ों रुपये के इन ट्रांजेक्शन में किसी बड़े नेता का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन बड़े हवाला कारोबारियों से उसके संबंधों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आगे की पड़ताल में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सहयोगियों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
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