वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति को मिले 665 सुझाव, 68 हितधारकों से हुई व्यापक चर्चा
वित्त संबंधी संसदीय समिति ने सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल 2025 पर 665 सुझाव प्राप्त किए और 68 हितधारकों से चर्चा की। विधेयक बाजार कानूनों को एकीकृत कर निवेश प्रक्रिया सरल बनाने का लक्ष्य रखता है।
नई दिल्ली में वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने गुरुवार को दिन में दो बार बैठक कर “सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल 2025” पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस बैठक में यह जानकारी सामने आई कि समिति को अब तक 665 विशिष्ट सुझाव प्राप्त हुए हैं, जबकि 68 हितधारकों से परामर्श किया गया है।
यह विधेयक भारतीय पूंजी बाजार से जुड़े तीन प्रमुख कानूनों—सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1956, Securities and Exchange Board of India अधिनियम, 1992 तथा डिपॉजिटरीज एक्ट, 1996—को एक ही समेकित कानून में बदलने का प्रस्ताव रखता है। इसका उद्देश्य नियामकीय ढांचे को सरल बनाना और निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है।
सूत्रों के अनुसार, समिति के समक्ष विभिन्न विशेषज्ञों, बाजार नियामकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वित्तीय संस्थानों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए हैं। इन सुझावों में बाजार की पारदर्शिता बढ़ाने, अनुपालन बोझ कम करने, और निवेशकों के हितों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
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बैठक में यह भी चर्चा हुई कि नए कोड के लागू होने से पूंजी बाजार से जुड़े कानूनों में एकरूपता आएगी और नियामकीय जटिलताएँ कम होंगी। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ने और विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
Parliament of India की इस समिति ने सभी सुझावों को गंभीरता से संकलित करने और आगे की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में समिति अपनी विस्तृत सिफारिशें संसद में प्रस्तुत कर सकती है।
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