लोकसभा में भारी हंगामा: तृणमूल सांसद ने बीजेपी को 2027 यूपी चुनाव में 50% महिलाओं को टिकट देने की चुनौती दी
संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर भारी हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाए, जबकि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने विपक्ष को जवाब दिया और आश्वासन दिया।
संसद का विशेष सत्र शुक्रवार को एक बार फिर हंगामेदार होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष, खासकर कांग्रेस, सरकार को महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि परिसीमन से दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों की ताकत कमजोर हो सकती है, जिससे उत्तर भारतीय राज्यों को अधिक ताकत मिल सकती है। कांग्रेस ने महिला आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन सरकार द्वारा इसे लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
सरकार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों की ताकत में कोई कमी नहीं होगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने बयान में कहा कि लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 815 होगी, जिसमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। इसके अलावा, एससी और एसटी समुदाय की महिलाओं को भी महिला आरक्षण के तहत आरक्षण मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मसले पर मेघवाल का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने के लिए विपक्ष को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आश्वासन दिया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटों की संख्या 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी।
विपक्ष ने सरकार पर हमले जारी रखे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल उठाया कि सरकार ने मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं के लिए 33% आरक्षण क्यों नहीं दिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार से ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की।
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