संसद मानसून सत्र का आखिरी सप्ताह आज से शुरू, अहम विधेयकों पर असमंजस; विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी की
संसद के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने हैं। विपक्ष ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।
संसद के मानसून सत्र का अंतिम सप्ताह सोमवार से शुरू हो रहा है। सरकार की कोशिश कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से पारित कराने की है, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण कुछ अहम विधेयकों के भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और 13 अगस्त को समाप्त होगा।
सरकार सोमवार को न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026, खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक, 2026, केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक, 2026 सहित कई विधेयक पेश करने की तैयारी में है।
हालांकि, परिसीमन विधेयक और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी एफसीआरए से जुड़े विधेयकों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विपक्ष ने इन विधेयकों का विरोध करने का संकेत दिया है। खास बात यह है कि सोमवार के लोकसभा कामकाज की सूची में परिसीमन और एफसीआरए विधेयक शामिल ही नहीं हैं।
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विपक्षी दलों के नेतृत्व में कांग्रेस ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाने की तैयारी की है। विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर लोकसभा में बयान दें।
पिछले सप्ताह लगातार हंगामे और कार्यवाही बाधित होने के बाद सरकार ने विपक्ष से बातचीत की कोशिश की थी। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से दो बार मुलाकात भी की, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका।
सूत्रों के मुताबिक, रिजिजू ने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को पारित कराने में कांग्रेस का समर्थन मांगा। हालांकि, राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की।
अब सबकी नजर संसद के अंतिम सप्ताह की कार्यवाही पर है। सरकार के सामने जहां महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की चुनौती है, वहीं विपक्ष नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा।
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