पटना हाईकोर्ट ने एक दिन में रिकॉर्ड 463 मामलों में जमानत दी, अधिकतर शराब से जुड़े
पटना हाईकोर्ट ने शराबबंदी कानून से जुड़े लंबित मामलों में एक दिन में रिकॉर्ड 463 आरोपियों को जमानत दी, अधिकतर मामलों में आरोपी बिना आपराधिक इतिहास के थे।
बिहार में शराबबंदी कानून से जुड़े मामलों में जमानत याचिकाओं का भारी बोझ बढ़ने के बीच पटना हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की एकल न्यायाधीश पीठ ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 463 मामलों में जमानत मंजूर की। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जब किसी एक जज की पीठ ने एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में आरोपियों को जमानत दी हो।
इनमें से अधिकांश मामले बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज किए गए थे, जो शराब के सेवन या थोड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी से जुड़े थे। अदालत ने यह भी नोट किया कि जमानत पाने वाले अधिकतर आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था।
सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि शराबबंदी कानून के मामलों में जमानत याचिकाओं का अत्यधिक लंबित होना कानून के खराब क्रियान्वयन का परिणाम है। अदालत की टिप्पणी से यह स्पष्ट हुआ कि छोटे और मामूली मामलों में भी बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जिससे न्यायिक व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है।
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हाईकोर्ट ने माना कि छोटी मात्रा में शराब के सेवन या बरामदगी जैसे मामलों में लंबे समय तक आरोपियों को जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है, खासकर तब जब उनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड न हो। अदालत के इस फैसले से न सिर्फ जेलों में भीड़ कम होने की उम्मीद है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने का संकेत भी मिलता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश शराबबंदी कानून के प्रभावी और व्यावहारिक क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े करता है। साथ ही, यह फैसला निचली अदालतों और पुलिस प्रशासन के लिए भी एक संदेश है कि मामूली मामलों में अनावश्यक गिरफ्तारी से बचा जाना चाहिए।
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