देश के 14 जिलों में पेट्रोल और 6 जिलों में डीजल की मांग दोगुनी, कृषि सीजन बना बड़ा कारण
देश के 14 जिलों में पेट्रोल और 6 जिलों में डीजल की मांग दोगुनी हुई। कृषि सीजन और कीमतों में अंतर को बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया गया है।
देश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की मांग में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 14 जिलों में पेट्रोल की मांग दोगुनी हो गई है, जबकि 6 जिलों में डीजल की खपत में भी इसी तरह की वृद्धि देखी गई है। इस बढ़ोतरी को सरकार ने मुख्य रूप से कृषि सीजन की शुरुआत से जोड़कर देखा है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने शुक्रवार (29 मई 2026) को पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित द्वि-साप्ताहिक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर के लगभग 150 जिलों में पेट्रोल की बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि 156 जिलों में डीजल की खपत में भी समान वृद्धि देखी गई है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस अचानक बढ़ी मांग के पीछे कई कारण हैं। कृषि गतिविधियों के बढ़ने से ट्रैक्टर, पंप सेट और अन्य कृषि उपकरणों के लिए डीजल की खपत बढ़ी है। साथ ही निजी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) से मांग में बदलाव होकर उपभोक्ता अब अधिक संख्या में सरकारी पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे हैं।
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इसके अलावा, कीमतों में अंतर के कारण थोक उपभोक्ता भी खुदरा पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे मांग में अतिरिक्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में ईंधन की कमी न हो।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है और देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सरकार बाजार की स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है और आवश्यकतानुसार कदम उठाए जा रहे हैं।