पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच राजनाथ सिंह के नाम पर फर्जी वीडियो वायरल, पीआईबी ने किया खंडन
पीआईबी ने राजनाथ सिंह के इज़राइल समर्थन वाले फर्जी वीडियो का खंडन किया। कहा गया कि यह पाकिस्तानी दुष्प्रचार है, जबकि भारत पश्चिम एशिया में शांति की नीति पर कायम है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जुड़ा एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने ईरान पर इज़राइल के हमले का समर्थन किया है। हालांकि, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक इकाई ने इस वीडियो को फर्जी और डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया हुआ करार दिया है।
पीआईबी ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा प्रसारित किया गया है। फैक्ट चेक में बताया गया कि वायरल क्लिप को एडिट कर भ्रामक दावे के साथ पेश किया गया, जबकि मूल वीडियो में राजनाथ सिंह पूरी तरह अलग विषय पर बोल रहे थे। पीआईबी ने असली वीडियो साझा करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया संघर्ष के समर्थन में कोई बयान नहीं दिया है।
पीआईबी ने लोगों से अपील की कि वे मीडिया पर प्रसारित ऐसे छेड़छाड़ किए गए वीडियो से सतर्क रहें, क्योंकि यह भारत के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है।
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उल्लेखनीय है कि इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की हत्या के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल, बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।
संयुक्त राज्य केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े कमांड एवं कंट्रोल केंद्रों, ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया है। सेंटकॉम ने कहा कि ईरानी शासन से उत्पन्न खतरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी एयरबेस पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला करने का दावा किया है। आईआरजीसी ने कहा कि शेख ईसा एयरबेस के मुख्य कमांड भवन को निशाना बनाया गया और ईंधन टैंकों में आग लग गई।
इस संघर्ष का दायरा अब खाड़ी देशों तक फैल चुका है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ गई है।
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