सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले पर पिनराई विजयन ने ईडी से पूछा- आखिर विवाद क्या है?
पिनराई विजयन ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लेनदेन वैध था, रकम का पूरा हिसाब रखा गया और सभी जरूरी कर चुकाए गए।
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक्सालॉजिक और सीएमआरएल के बीच हुआ समझौता वैध था और लेनदेन का पूरा हिसाब रखा गया था। विजयन ने सवाल किया कि आखिर इस मामले में अपराध क्या है।
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और विजयन की बेटी वीणा से जुड़ी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। ईडी इस मामले में धन के लेनदेन और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। एजेंसी ने विजयन, उनकी बेटी वीणा और उनके दामाद पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग भी की है।
विजयन ने कहा कि एक्सालॉजिक ने सीएमआरएल के साथ सेवाएं देने के लिए एक समझौता किया था। उनके अनुसार, किसी कंपनी द्वारा सेवाएं देने के बाद भुगतान प्राप्त करना सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि यदि प्राप्त धन का हिसाब नहीं रखा जाता, तो यह अपराध हो सकता था, लेकिन इस मामले में रकम का लेखा-जोखा मौजूद है और संबंधित कर भी चुकाए गए हैं।
ईडी ने मई में इस मामले से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। जांच के दौरान दस्तावेज, डिजिटल सामग्री, निवेश और बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई। बाद में एजेंसी ने करीब 18.36 करोड़ रुपये को लगभग 242 खातों में फ्रीज किए जाने की जानकारी दी।
मामले की पृष्ठभूमि में आयकर विभाग की पुरानी जांच भी शामिल है। जांच एजेंसियां सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच हुए भुगतानों की प्रकृति और उनके उद्देश्य की जांच कर रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी अदालत ने विजयन, वीणा, एक्सालॉजिक या सीएमआरएल को इस मामले में दोषी नहीं ठहराया है।