महिला आरक्षण बिल का विरोध करने पर विपक्ष को जनता सजा देगी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले विपक्ष को जनता आने वाले समय में सजा देगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले विपक्ष को जनता आने वाले समय में राजनीतिक रूप से सजा देगी। यह संबोधन तब हुआ जब लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने वाला संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका।
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण और संसद में हुई कार्यवाही का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा, जिन्होंने शुक्रवार को इस महत्वपूर्ण विधेयक के खिलाफ मतदान किया था।
इस विधेयक के तहत लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव था, ताकि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रावधान था।
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इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या नहीं थी।
लोकसभा में मतदान के दौरान कुल 528 सांसदों ने वोट किया, जिनमें से 298 सांसदों ने विधेयक के समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया। हालांकि विधेयक को पारित करने के लिए 352 मतों की जरूरत थी, जो पूरी नहीं हो सकी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह देश की महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसका विरोध करने वालों को जनता समय आने पर जवाब देगी। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि सरकार इस दिशा में प्रतिबद्ध है।