पीएम मोदी 1 अगस्त को करेंगे भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, उत्तर आंध्र को मिलेगी नई उड़ान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश के भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसे उत्तर आंध्र के आर्थिक विकास का नया आधार बताया।
आंध्र प्रदेश के बहुप्रतीक्षित भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 1 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि यह हवाई अड्डा उत्तर आंध्र क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और इससे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा केवल एक यातायात सुविधा नहीं बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक, पर्यटन और व्यापारिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से उत्तर आंध्र के लोगों को बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में बनाया जा रहा है। यह परियोजना राज्य के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में शामिल है। सरकार का उद्देश्य इस हवाई अड्डे के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना और बढ़ते हवाई यातायात की जरूरतों को पूरा करना है।
और पढ़ें: आंध्र प्रदेश में कोरोना की वापसी, कडप्पा में दो मौतों के बाद पूरे राज्य में हेल्थ अलर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर राज्य प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राज्य सरकार इस परियोजना को उत्तर आंध्र के लिए विकास के नए युग की शुरुआत के रूप में देख रही है।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि भोगापुरम एयरपोर्ट के संचालन से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे उद्योगों को नई गति मिलेगी और पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई सेवाओं के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही आसान होगी।
उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा उत्तर आंध्र को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके शुरू होने से विशाखापत्तनम, विजयनगरम और आसपास के जिलों को विशेष लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आने वाले वर्षों में आंध्र प्रदेश के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा और क्षेत्र को नई पहचान दिलाएगा।
और पढ़ें: विशाखापत्तनम तट से लापता मछुआरों के परिवारों को आंध्र सरकार ने दी 60 लाख रुपये की राहत