प्रधानमंत्री मोदी की पश्चिम एशिया संघर्ष पर CCS बैठक, ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर हुई कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) बैठक की अध्यक्षता की और ऊर्जा आपूर्ति में हो रही बाधाओं की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ऊर्जा आपूर्ति में हो रही बाधाओं और संघर्ष के असर की समीक्षा की गई। यह बैठक 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री की दूसरी बैठक थी। पहली बैठक 22 मार्च को आयोजित की गई थी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, एस जयशंकर, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, जे पी नड्डा, अश्विनी वैष्णव, मनोहर लाल खट्टर, प्रल्हाद जोशी, किञ्जरापू राममोहन नायडू और हरदीप सिंह पुरी समेत कई उच्च पदस्थ अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा और शकीतिकांत दास तथा कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन भी बैठक में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष को चुनौतीपूर्ण बताते हुए नागरिकों से एकजुट होकर मुश्किलों का सामना करने की अपील की। उन्होंने संकट का राजनीतिकरण करने के खिलाफ चेतावनी दी और अफवाहें फैलाने से देश को होने वाले नुकसान के बारे में भी आगाह किया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी 12 मार्च को कहा था कि पश्चिम एशिया का युद्ध वैश्विक ऊर्जा संकट का कारण बना है, जिसे शांति, धैर्य और जन जागरूकता के साथ हल किया जाना चाहिए।