प्रधानमंत्री मोदी ने एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को किया सम्मानित, खिलाड़ियों ने भेंट की हस्ताक्षर वाली जर्सी और हॉकी स्टिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में 85 पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। भारत ने 21 स्वर्ण सहित कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर को जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। यह भारत का एशियाई खेलों में अब तक का दूसरा सबसे सफल प्रदर्शन रहा। इससे पहले 2023 में हांगझोऊ में भारत ने 106 पदक जीते थे।
सम्मान समारोह के दौरान खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री मोदी को हस्ताक्षर वाली जर्सियां, एक हस्ताक्षरित हॉकी स्टिक और शॉल भेंट की। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से बातचीत की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
मोदी ने कहा कि भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। महिला हॉकी टीम ने 44 साल का इंतजार समाप्त करते हुए स्वर्ण हासिल किया। क्रिकेट और कबड्डी में भी पुरुष तथा महिला टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। तीरंदाजी में भारत को पांच स्वर्ण मिले, जबकि निशानेबाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारोत्तोलन में भी 28 साल बाद पदक मिला।
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प्रधानमंत्री ने महिला खिलाड़ियों की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के कुल 85 पदकों में से 38 पदक महिला खिलाड़ियों ने जीते, जिनमें 11 स्वर्ण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने मिश्रित मार्शल आर्ट, सॉफ्ट टेनिस और नौकायन जैसी स्पर्धाओं में भी पहली बार पदक जीतकर इतिहास रचा है।
रजत और कांस्य पदकों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां
भारत ने 27 रजत पदक हासिल किए। मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद, गुलवीर सिंह ने लंबी दूरी की दौड़ और सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक जीते। भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम स्पर्धा में रजत जीतकर भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। अनाहत सिंह और अंतिम पंघाल ने भी पदक जीते।
37 कांस्य पदकों में सुचिका तरियाल की मिश्रित मार्शल आर्ट उपलब्धि, सतनाम सिंह और सलमान खान की रोइंग सफलता तथा विथ्या रामराज का 400 मीटर बाधा दौड़ में प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
इन उपलब्धियों ने भारतीय खेलों में नई संभावनाओं को उजागर किया और आगामी ओलंपिक चक्र के लिए उम्मीदें बढ़ाई हैं।
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