प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने की घोषणा
इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘बिंटांग आदिपुर्णा’ से सम्मानित किया। मोदी ने इसे भारतवासियों और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान बताया।
इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी को ‘बिंटांग आदिपुर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को देखते हुए दिया गया है।
राजधानी जकार्ता में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान के लिए इंडोनेशिया सरकार और वहां के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों का सम्मान है और यह भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं भावनात्मक रिश्तों का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अपने मित्र राष्ट्रपति प्रबोवो का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद करता हूं। पिछले वर्ष भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उनका स्वागत करने का अवसर मिला था। आज उनके निमंत्रण पर इंडोनेशिया आकर मुझे खुशी हो रही है।”
और पढ़ें: बेंगलुरु में 20 वर्षीय छात्रा तालाब में मृत मिली, पुलिस को आत्महत्या का शक
मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की साझेदारी में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हो रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव 21वीं सदी की दुनिया और मानवता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता विश्वास रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को और मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के तटरक्षक बल हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा ब्लू इकोनॉमी, बंदरगाह विकास और समुद्री व्यापार के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े अनुभव इंडोनेशिया के साथ साझा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दोनों देश गरीबी खत्म करने और नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मिलकर काम करेंगे। भारत और इंडोनेशिया के बीच हुए समझौते से इंडोनेशियाई नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती भारतीय दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
और पढ़ें: 2008 अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: गुजरात हाई कोर्ट ने 38 आतंकियों की फांसी की सजा बरकरार रखी