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NCERT की न्यायपालिका में भ्रष्टाचार अध्याय विवाद पर पीएम मोदी नाराज़, जवाबदेही तय करने के निर्देश

NCERT की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ अध्याय पर विवाद बढ़ा। पीएम मोदी ने नाराज़गी जताई, सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई, केंद्र ने माफी मांगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

NCERT की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ शीर्षक अध्याय को लेकर उठे विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराज़गी जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर असंतोष व्यक्त करते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

इस विवाद के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी गहरा खेद जताया। उन्होंने कहा, “जो हुआ उससे मैं बेहद दुखी हूं, न्यायपालिका का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।”

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की उस सामाजिक विज्ञान पुस्तक की पहुंच पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार पर अध्याय शामिल था। अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ अध्याय के मसौदे से जुड़े लोग अब यूजीसी या किसी भी मंत्रालय के साथ काम नहीं करेंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “हम स्वत: संज्ञान मामले में बिना शर्त माफी मांगते हैं।” हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि नोटिस में स्पष्ट माफी का उल्लेख नहीं है और इसे गंभीर मामला बताया।

पुस्तक के अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों का भारी बोझ और न्यायाधीशों की कमी जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया गया था। इसमें सुप्रीम कोर्ट में लगभग 81 हजार, उच्च न्यायालयों में 62.40 लाख और जिला व अधीनस्थ अदालतों में 4.70 करोड़ लंबित मामलों का आंकड़ा दिया गया है।

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