SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का पाकिस्तान पर निशाना, बोले- आतंक फैलाने वाले बैकफुट पर
SRCC शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आतंक फैलाने वाले बैकफुट पर हैं और भारत अपनी सुरक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया और छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंक फैलाने वाले आज बैकफुट पर हैं और अगर पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया तो भारतीय सशस्त्र बल उसकी सीमा में जाकर कार्रवाई करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक शांति बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि माओवादी आतंकवाद और नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस दुनिया में कभी भारत की नीतिगत निष्क्रियता को लेकर चिंता जताई जाती थी, वही आज देश की नीतिगत गतिशीलता की चर्चा कर रही है।
एसआरसीसी के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के 100 वर्ष पूरे होने पर उसे अनुभव का सागर माना जाता है, जबकि किसी संस्था के 100 वर्ष पूरे होना उपलब्धियों और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कॉलेज ने कई पीढ़ियों को आकार दिया और उन्हें बेहतर भविष्य से जोड़ा है।
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मोदी ने एसआरसीसी के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अक्सर अपने कॉलेज के दिनों के किस्से सुनाया करते थे। प्रधानमंत्री ने संजीव सान्याल समेत कई अन्य सहयोगियों का भी जिक्र किया, जो एसआरसीसी के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज ने केवल अर्थशास्त्र के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि कला, राजनीति, कानून और न्यायपालिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने 2013 के एसआरसीसी भाषण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस भाषण पर आज भी चर्चा होती है और संभव है कि नई पीढ़ी ने उसे दोबारा सुना और पढ़ा हो। उनके अनुसार, उस भाषण ने एक लहर पैदा की थी, जिसका प्रभाव वर्षों बाद भी दिखाई देता है।
मोदी ने कहा कि 2013 में विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने तत्कालीन केंद्र सरकार पर आरोपों की बौछार करने के बजाय सकारात्मक दृष्टि और अपना विजन प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि तब व्यक्त किए गए विचारों और सपनों पर वह आज भी कायम हैं तथा देश के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे हैं।
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