एंटी पेपर लीक विधेयक पारित होने पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कहा- भारत की परीक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एंटी पेपर लीक विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया तथा विकसित भारत के लक्ष्य के लिए साथ चलने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद से एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार भारत की परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वर्षों से विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र सरकारों को प्रश्नपत्र लीक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा है। यही कारण है कि परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और कड़े कानून की आवश्यकता महसूस की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक लाने का जो वादा किया था, उसे पूरा किया गया है और दोनों सदनों में इस पर विस्तृत चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा, "आज संसद के दोनों सदनों ने इस विधेयक को पारित कर दिया है। इससे देश में विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हम इस अभियान को लगातार आगे बढ़ाएंगे और पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर जारी नहीं रहने देंगे।"
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उन्होंने देशवासियों से 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान भी किया।
सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राज्यसभा ने विपक्ष के वॉकआउट के बीच ध्वनिमत से पारित किया। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा से भी मंजूर हो चुका था। अब इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
संशोधित कानून के अनुसार पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में दोषी पाए जाने वालों को न्यूनतम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद तथा 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं संगठित अपराध के मामलों में कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये से कम का जुर्माना नहीं लगाने का प्रावधान किया गया है।
हालांकि विपक्ष ने इस विधेयक को अपर्याप्त बताते हुए इसकी आलोचना की है। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि सरकार छात्रों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है और परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
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