पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, हिंसक झड़पों में 11 की मौत, 70 से अधिक घायल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जेएएसी पर प्रतिबंध के विरोध में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे। झड़पों में 11 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। क्षेत्र में जारी झड़पों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह विरोध प्रदर्शन उस समय तेज हो गया जब सरकार ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) नामक नागरिक संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया। यह संगठन पिछले कुछ वर्षों से आर्थिक कठिनाइयों और राजनीतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन चला रहा था।
हिंसा तब भड़की जब जेएएसी समर्थक एक अस्पताल के शवगृह के बाहर एकत्र हुए, जहां गोलीबारी में मारे गए एक कार्यकर्ता का शव लाया गया था। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। दोनों पक्षों के बीच हुई झड़पों में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी मारे गए। प्रशासन ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया है।
विवाद की मुख्य वजह 45 सदस्यीय विधानसभा में 12 सीटों को कश्मीर के बाहर पाकिस्तान में रहने वाले शरणार्थियों के लिए आरक्षित करने का फैसला है। जेएएसी का आरोप है कि इससे स्थानीय लोगों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर होगा। इसके अलावा संगठन लंबे समय से महंगाई, बिजली संकट, बेरोजगारी, बढ़ते बिलों और क्षेत्र की राजनीतिक उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठा रहा है।
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मानवाधिकार संगठनों ने भी हालात पर चिंता जताई है। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने जेएएसी पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है।
जेएएसी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस बीच, 27 जुलाई को प्रस्तावित चुनावों से पहले सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। स्थिति को देखते हुए ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है।