असम चुनाव: प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रतीक बोरदोलोई ने मारघेरिटा से कांग्रेस टिकट पर चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया
प्रतीक बोरदोलोई ने अपने पिता प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के बाद मारघेरिटा से कांग्रेस टिकट पर चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया।
असम में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद उनके पुत्र प्रतीक बोरदोलोई ने मारघेरिटा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस टिकट पर चुनाव न लड़ने का फैसला किया। कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए युवा नेता प्रतीक ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां उनके लिए चुनाव लड़ने के अनुकूल नहीं हैं।
प्रतीक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में कहा कि उन्होंने यह निर्णय स्पष्टता और मतदाताओं तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए लिया। उन्होंने लिखा कि मारघेरिटा के लोग और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसे प्रत्याशी के हकदार हैं जिसकी स्थिति स्पष्ट और स्थिर हो। उनका इस्तीफा अब कांग्रेस के लिए उस सीट पर नए प्रत्याशी को तय करने की चुनौती पेश करता है।
पत्र में प्रतीक बोरदोलोई ने लिखा, "वर्तमान परिस्थितियों में, जब मेरे पिता ने दूसरी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया, तो मेरे लिए उम्मीदवार बने रहना उचित नहीं होगा। मैं मानता हूं कि मारघेरिटा के लोग और कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता पार्टी के उम्मीदवार में पूर्ण स्पष्टता और विश्वास के हकदार हैं। किसी भी तरह की भ्रम या संदेह उत्पन्न होना उनके साथ अन्याय होगा।"
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका निर्णय केवल संगठन के सम्मान और कांग्रेस के मूल्यों तथा अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस के आदर्शों में उनका विश्वास अडिग है और वह पार्टी और मारघेरिटा के विकास के लिए उपयुक्त क्षमता में काम करते रहेंगे।
असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं, जिसमें 126 सदस्यों का चुनाव होगा। मतगणना 4 मई को होगी और विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है।
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