राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्व क्षय रोग दिवस से पहले टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्व क्षय रोग दिवस से पहले टीबी उन्मूलन के लिए सभी नागरिकों, संगठनों और सरकारों से सामूहिक प्रयास की अपील की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्व क्षय रोग दिवस (World Tuberculosis Day) से पहले टीबी (तपेदिक) उन्मूलन के लिए देशवासियों और संगठनों से सामूहिक प्रयास करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी चुनौतीपूर्ण रोग है।
राष्ट्रपति ने कहा कि टीबी को रोकने और उसका इलाज सुनिश्चित करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, गैर-सरकारी संगठन और नागरिक समाज को टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने और समय पर इलाज सुनिश्चित करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
द्रौपदी मुर्मु ने यह भी जोर दिया कि टीबी के मरीजों का सामाजिक बहिष्कार नहीं होना चाहिए और उन्हें सही इलाज के साथ मानसिक और सामाजिक सहयोग भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां और कार्यक्रम जैसे 'भारत टीबी मुक्त अभियान' महत्वपूर्ण कदम हैं, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
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राष्ट्रपति ने आम जनता से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएँ, खांसते और छींकते समय सावधानी बरतें और टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
उन्होंने विश्व क्षय रोग दिवस को अवसर बनाकर सभी से टीबी उन्मूलन के प्रति गंभीर प्रयास करने का आह्वान किया और भरोसा व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयास से भारत में टीबी को पूर्ण रूप से समाप्त किया जा सकता है।
इस संदेश के माध्यम से राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज, परिवार और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी भी है।
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