असम बाढ़ त्रासदी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जताया शोक, पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने असम में बाढ़ से हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और प्रभावित लोगों की सुरक्षा की कामना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को असम में आई भीषण बाढ़ से हुई जनहानि और व्यापक तबाही पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट कीं और प्रभावित परिवारों के दुख में सहभागी होने की बात कही।
राष्ट्रपति ने अपने शोक संदेश में कहा कि असम में आई बाढ़ के कारण लोगों की मौत और बड़े पैमाने पर हुए नुकसान की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें यह कठिन समय सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बाढ़ प्रभावित लोगों के शीघ्र सुरक्षित होने और सामान्य जीवन जल्द बहाल होने की कामना भी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाएंगी और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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असम के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे अनेक गांव और कस्बे जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगातार जुटी हुई हैं।
राज्य सरकार और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी सेवाओं को बहाल करना है।
असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। इस बार भी लगातार वर्षा और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। सरकार और राहत एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
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