‘द फैमिली मैन’, ‘पंचायत’ और ‘पाताल लोक’ प्राइम वीडियो की वैश्विक टॉप 10 गैर-अंग्रेजी सूची में शामिल
प्राइम वीडियो ने खुलासा किया कि ‘द फैमिली मैन’, ‘पंचायत’ और ‘पाताल लोक’ के नए सीजन वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा देखे गए टॉप 10 गैर-अंग्रेजी ओरिजिनल में शामिल हुए।
ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो की भारतीय वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’, ‘पंचायत’ और ‘पाताल लोक’ ने वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्लेटफॉर्म ने लंदन में आयोजित अपने पहले “प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स: इंटरनेशनल ओरिजिनल्स” शोकेस के दौरान खुलासा किया कि ये तीनों सीरीज दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखे गए गैर-अंग्रेजी ओरिजिनल्स में शामिल हैं।
इस विशेष कार्यक्रम में प्राइम वीडियो ने वर्ष 2026 तक की अपनी अंतरराष्ट्रीय कंटेंट रणनीति पेश की और बताया कि गैर-अंग्रेजी भाषाओं की फिल्में और सीरीज अब सीमाओं को पार कर वैश्विक दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं।
प्लेटफॉर्म के अनुसार, पिछले एक वर्ष के वैश्विक प्रदर्शन के आधार पर भारतीय सीरीज ‘द फैमिली मैन’ का तीसरा सीजन, ‘पंचायत’ का चौथा सीजन और ‘पाताल लोक’ का दूसरा सीजन उसके टॉप 10 सबसे ज्यादा देखे गए गैर-अंग्रेजी इंटरनेशनल ओरिजिनल्स की सूची में शामिल रहे। यह उपलब्धि भारतीय कंटेंट की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को दर्शाती है।
और पढ़ें: भारत वैश्विक विकास का नया इंजन बनेगा, दुनिया की वृद्धि में 16% योगदान: पीएम मोदी
‘द फैमिली मैन’ अपनी रोमांचक कहानी और मजबूत अभिनय के लिए जानी जाती है, जबकि ‘पंचायत’ ग्रामीण भारत की सादगी और व्यंग्यपूर्ण प्रस्तुति के कारण दर्शकों की पसंद बनी हुई है। वहीं ‘पाताल लोक’ ने अपने क्राइम-थ्रिलर अंदाज और सामाजिक मुद्दों की गहरी पड़ताल के जरिए वैश्विक दर्शकों को प्रभावित किया है।
प्राइम वीडियो ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय कहानियों की सार्वभौमिक अपील और उच्च उत्पादन गुणवत्ता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया है। गैर-अंग्रेजी कंटेंट की बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि दर्शक अब विविध भाषाओं और संस्कृतियों की कहानियों को खुले मन से स्वीकार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के विस्तार और सबटाइटल व डबिंग सुविधाओं के कारण भारतीय सीरीज की पहुंच दुनिया के कई देशों तक बढ़ी है। इससे भारतीय मनोरंजन उद्योग को वैश्विक पहचान मिलने में मदद मिल रही है।
यह उपलब्धि भारतीय ओटीटी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।