प्रियंक खड़गे का भाजपा पर निशाना, पूछा- ईसीआई या सीईओ के प्रवक्ता की तरह क्यों कर रही है पार्टी?
कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के निर्वाचन अधिकारी कार्यालय जाने पर भाजपा की आपत्ति पर सवाल उठाया। एसआईआर और फॉर्म-7 को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने शनिवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय जाने पर भारतीय जनता पार्टी की आपत्ति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि भाजपा भारत निर्वाचन आयोग या मुख्य निर्वाचन अधिकारी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार क्यों कर रही है।
यह विवाद कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। प्रियंक खड़गे ने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल यदि अपनी शिकायत लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय गया है, तो इससे भाजपा को क्या आपत्ति है।
खड़गे के अनुसार, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल कार्यालय के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से बातचीत कर रहा था। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि उन्हें इस विषय पर भारत निर्वाचन आयोग से बात करनी होगी और मुख्य चुनाव आयुक्त से निर्देश लेने होंगे।
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कर्नाटक के मंत्री ने भाजपा से यह भी सवाल किया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कौन-से नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने बेंगलुरु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मार्च का जिक्र करते हुए भी भाजपा पर सवाल उठाए।
खड़गे ने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा कार्यकर्ता, जो बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नहीं हैं, बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा कर मतदाताओं के नाम हटाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कथित रूप से पहले से छपे हुए फॉर्म को लेकर भी सवाल उठाया और पूछा कि ये फॉर्म कहां से उपलब्ध हो रहे हैं। हालांकि, भाजपा ने ऐसे आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि फॉर्म-7 मतदाता सूची में किसी नाम की पात्रता पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित वैध प्रक्रिया है।
इस बीच, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने फॉर्म-7 से जुड़े मामलों में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद जारी है।
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