मेकेदातु परियोजना पर प्रियंक खड़गे का बड़ा बयान, बोले- व्यक्तिगत राय नहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश सर्वोपरि
मेकेदातु परियोजना पर प्रियंक खड़गे ने कहा कि किसी की व्यक्तिगत राय मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही परियोजना पर आगे बढ़ा जाएगा।
कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने मेकेदातु परियोजना को लेकर तमिलनाडु कांग्रेस (टीएनसीसी) के विरोध को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी व्यक्ति की निजी राय का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और सभी संबंधित पक्षों को केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ना होगा।
प्रियंक खड़गे ने कहा, "चाहे मैं हूं, आप हों या कोई और, सभी को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा। व्यक्तिगत विचारों के आधार पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता।"
उन्होंने कहा कि अदालत ने भी माना है कि अतिरिक्त पानी समुद्र में बह रहा है और इस पानी का उपयोग कर्नाटक के लोगों के हित में किया जा सकता है। उनके अनुसार, यदि उपलब्ध जल संसाधनों का सही ढंग से उपयोग किया जाए तो इससे सिंचाई, पेयजल और विकास से जुड़े कई क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
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प्रियंक खड़गे का यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु कांग्रेस के कुछ नेताओं ने मेकेदातु परियोजना पर अपनी आपत्ति जताई है। हालांकि, खड़गे ने दोहराया कि यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है और सरकार कानूनी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।
मेकेदातु परियोजना लंबे समय से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद का विषय रही है। कर्नाटक का कहना है कि यह परियोजना राज्य की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जरूरी है, जबकि तमिलनाडु को आशंका है कि इससे कावेरी नदी के जल प्रवाह पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों राज्यों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्यवाही और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। कर्नाटक सरकार का कहना है कि वह सभी संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।