महिला आरक्षण पर प्रियंका गांधी का हमला: नीयत पर सवाल, चाणक्य भी हो जाते हैरान
प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण देने का है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण का विचार नया नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें इतिहास में हैं। उन्होंने बताया कि इस दिशा में शुरुआती पहल मोतीलाल नेहरू के समय से ही देखी जा सकती है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह दावा करें कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन महिलाओं को गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पीछे सरकार की नीयत पर सवाल उठाना जरूरी है।
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प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण के प्रयास केवल एक पार्टी तक सीमित नहीं रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस विधेयक को लागू करने की मांग की थी।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि पूर्व में सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भी महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ाया गया था। वर्ष 2010 में यह विधेयक पारित भी हुआ था, लेकिन लोकसभा में इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीरता जरूरी है। यह केवल राजनीतिक श्रेय का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने का सवाल है।
प्रियंका गांधी के बयान ने संसद में चल रही बहस को और तेज कर दिया है, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है।
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