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PSLV की विफलताओं की जांच जारी, अगला प्रक्षेपण जून में संभव: मंत्री

PSLV की लगातार विफलताओं की जांच जारी है। बाहरी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इसरो जून में अगले प्रक्षेपण की योजना बना रहा है, जबकि उपग्रह कंपनियों ने भरोसा जताया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) की लगातार दो विफलताओं के कारणों की जांच अभी जारी है। इस जांच में इसरो के साथ-साथ एक बाहरी विशेषज्ञ टीम भी शामिल है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार (2 फरवरी 2026) को एक साक्षात्कार में बताया कि इन विफलताओं के बावजूद जिन कंपनियों के उपग्रह इन अभियानों में शामिल थे, उन्होंने PSLV की विश्वसनीयता पर कोई संदेह या आपत्ति नहीं जताई है। इसरो अब अगले PSLV प्रक्षेपण की संभावित तारीख जून 2026 पर विचार कर रहा है।

मंत्री ने बताया कि PSLV इसरो का अब तक का सबसे सफल प्रक्षेपण यान रहा है। वर्ष 1993 से अब तक इसकी सफलता दर 90 प्रतिशत से अधिक रही है और इसने लगभग 350 उपग्रहों को उनके निर्धारित कक्षाओं में सफलतापूर्वक स्थापित किया है। इसलिए हाल की विफलताओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी गहन तकनीकी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।

गौरतलब है कि 12 जनवरी 2026 को PSLV-C62 मिशन असफल हो गया था। इस मिशन के तहत 16 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया जाना था, लेकिन रॉकेट के तीसरे चरण के प्रज्वलित न हो पाने के कारण यह समुद्र में गिरकर नष्ट हो गया। इससे पहले 18 मई 2025 को PSLV-C61 मिशन भी इसी तरह विफल हुआ था, जिसमें तीसरा चरण सक्रिय नहीं हो सका था। उस मिशन में सरकार की रणनीतिक जरूरतों के लिए बनाया गया EOS-09 उपग्रह भी नष्ट हो गया था।

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जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसरो इन घटनाओं से सबक लेकर तकनीकी सुधारों पर काम कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक बदलाव किए जाएंगे, ताकि PSLV की विश्वसनीयता और मजबूती को और अधिक सुनिश्चित किया जा सके। आने वाले महीनों में जून में प्रस्तावित प्रक्षेपण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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