पुडुचेरी चुनाव परिणाम 2026: गठबंधनों की रणनीति से एनडीए की बढ़त, कांग्रेस-डीएमके पीछे
पुडुचेरी चुनाव 2026 में एनडीए ने मजबूत बढ़त बनाई। एआईएनआरसी और भाजपा ने अधिक सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस-डीएमके गठबंधन कमजोर रहा। एन रंगासामी ने भी जीत दर्ज की।
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 में गठबंधन राजनीति का बड़ा प्रभाव देखने को मिला है। पुडुचेरी में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के बीच रहा, जबकि अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) ने चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की।
मतगणना के अनुसार, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) प्रमुख एन रंगासामी ने थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर 4,441 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 10,024 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी ई. विनायगम को 5,583 वोट प्राप्त हुए।
अन्य परिणामों में एआईएनआरसी ने 10 सीटें, भारतीय जनता पार्टी ने 5 सीटें, द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) ने 2 सीटें और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केवल 1 सीट हासिल की।
और पढ़ें: पुदुचेरी चुनाव 2026: मतदान केंद्र पर नीला रोबोट ने मतदाताओं का स्वागत किया
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी. वैथिलिंगम को मात्र 2,990 वोट मिले और वे विजेता से काफी पीछे रहे। निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।
एन रंगासामी, जो 2021 से पुडुचेरी के मुख्यमंत्री हैं, इससे पहले 2001 से 2008 और 2011 से 2016 तक भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने 2011 में कांग्रेस से अलग होकर एआईएनआरसी का गठन किया था।
इस चुनाव में सीट बंटवारे के तहत एनडीए में एआईएनआरसी ने 16, भाजपा ने 10, जबकि एआईएडीएमके और एलजेके ने 2-2 सीटों पर चुनाव लड़ा। दूसरी ओर कांग्रेस ने 16 और डीएमके ने 14 सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
टीवीके ने नाम तमिलर काची सहित अन्य दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है, और मतगणना के बाद अंतिम परिणाम पूरे राजनीतिक परिदृश्य को स्पष्ट करेंगे।
और पढ़ें: पुडुचेरी को राज्य का दर्जा देने का राहुल गांधी का वादा, बोले—दिल्ली से हो रहा रिमोट कंट्रोल