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पुणे में रिवरफ्रंट डेवलपमेंट के लिए 689 पेड़ काटने के प्रस्ताव का विरोध

पुणे में रिवरफ्रंट डेवलपमेंट परियोजना के तहत 689 पेड़ काटने के प्रस्ताव का स्थानीय निवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, इसे नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बताया।

पुणे में प्रस्तावित रिवरफ्रंट डेवलपमेंट परियोजना के तहत 689 पेड़ काटने के निर्णय का स्थानीय निवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता को गंभीर नुकसान हो सकता है।

यह प्रस्ताव Pune Municipal Corporation (पीएमसी) की रिवरफ्रंट डेवलपमेंट (RFD) परियोजना के अंतर्गत वाकड बायपास से सांगवी ब्रिज के बीच के हिस्से में लागू किया जाना है। नागरिक निकाय ने 2 मार्च को इस संबंध में एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि शुक्रवार को समाप्त हो गई।

पीएमसी के अनुसार ये पेड़ रिवरफ्रंट डेवलपमेंट परियोजना के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में स्थित हैं और परियोजना के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण हेतु इन्हें हटाने का प्रस्ताव रखा गया है।

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हालांकि कई स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को काटना पर्यावरण के लिए नुकसानदेह होगा। उनका तर्क है कि पेड़ नदी किनारे के पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनके हटने से जैव विविधता पर भी असर पड़ेगा।

निवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से लागू किया जाए और पेड़ों की कटाई को कम से कम किया जाए। उनका कहना है कि शहर के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।

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