युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान के एक वर्ष पूरे, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उपलब्धियां गिनाईं
पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के एक वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 36,178 एफआईआर और 51,648 गिरफ्तारियों का उल्लेख करते हुए सफलता का दावा किया।
पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ (नशों के खिलाफ युद्ध) अभियान के एक वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यवासियों को बधाई दी और इसे नशामुक्त पंजाब की दिशा में ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस जन अभियान ने राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को नई दिशा दी है और तस्करी नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक शून्य-सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) नीति लागू की गई। इस दौरान नशा तस्करों के खिलाफ 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों ने 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की तथा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए।
भगवंत सिंह मान ने बताया कि नशा तस्करी से जुड़ी 16.70 करोड़ रुपये की अवैध राशि बरामद की गई है। साथ ही करोड़ों रुपये की संपत्तियां, जो तस्करों से जुड़ी थीं, जब्त या ध्वस्त की गईं। एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामलों में सजा दर लगभग 84 प्रतिशत रही, जो वर्ष 2025 में बढ़कर करीब 88 प्रतिशत तक पहुंच गई। उन्होंने इसका श्रेय मजबूत केस तैयारी और फॉरेंसिक सहयोग को दिया।
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मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले नशा कारोबार को संरक्षण दिया गया, जिससे कई पीढ़ियां बर्बाद हुईं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने “बड़ी मछलियों” को जेल भेजकर नशा तंत्र की कमर तोड़ दी है।
मान ने दोहराया कि राज्य सरकार नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से यह अभियान एक जन आंदोलन बन चुका है और पंजाब को नशामुक्त बनाने का संकल्प अटूट है।
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