×
 

अकाल तख्त पर भगवंत मान ने वायरल वीडियो को बताया एआई से बना फर्जी क्लिप

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाल तख्त पर कहा कि वायरल वीडियो एआई से बना फर्जी है, इसकी फॉरेंसिक जांच हो सकती है और उनका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहली बार उस विवाद पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उनका एक कथित आपत्तिजनक बयान वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा कि यह संभवतः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया है।

भगवंत मान ने बताया कि उन्होंने कार्यवाहक जत्थेदार सिंह साहिब को स्पष्ट रूप से कहा है कि इस वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा सकती है। उन्होंने कहा, “इसकी जांच राज्य की किसी भी फॉरेंसिक लैब या देश की किसी भी एजेंसी से कराई जा सकती है। मुझे छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सच्चाई सामने लाने के लिए हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने कथित बयानों और शिकायतों को लेकर कार्यवाहक जत्थेदार को लिखित स्पष्टीकरण सौंपा है। उनके अनुसार, सिंह साहिब ने उन्हें आश्वासन दिया है कि प्रस्तुत किए गए सभी साक्ष्यों की गंभीरता से जांच की जाएगी। भगवंत मान ने जोर देते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले को एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक श्रद्धालु सिख के रूप में देख रहे हैं।

और पढ़ें: पंजाब की सियासत में छाए चन्नी, वायरल गीतों से ज़मीन तक बढ़ी मौजूदगी; क्या 2027 में कांग्रेस का चेहरा होंगे?

उन्होंने बताया कि वे अकाल तख्त के समक्ष करीब 25,000 पन्नों की शिकायतें और साक्ष्य लेकर पहुंचे, जो गुरु ग्रंथ साहिब के लापता सरूपों (प्रतियों) से जुड़े हैं। गौरतलब है कि अकाल तख्त ने उन्हें उस समय तलब किया था, जब उनकी सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की 328 प्रतियों की छपाई और वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला दर्ज किया था। इस केस में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है।

भगवंत मान ने इस बात से साफ इनकार किया कि सरूपों के मामले की जांच राजनीतिक मकसद से की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल लोगों की भावनाओं और चिंताओं का ईमानदारी से समाधान करना है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अकाल तख्त की धार्मिक सत्ता को चुनौती देने का कोई इरादा नहीं है।

और पढ़ें: आतिशी वीडियो विवाद: पंजाब कांग्रेस का दावा, विधायकों सुखपाल खैरा और परगट सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share