आर्थिक चुनौतियों के बीच ‘रूसी दावोस’ की मेजबानी करेंगे व्लादिमीर पुतिन, विकास की नई राह तलाशने की कोशिश
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आर्थिक सुस्ती, प्रतिबंधों और यूक्रेनी हमलों के बीच सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक मंच की मेजबानी करेंगे, जहां रूस की विकास रणनीति पर चर्चा होगी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्धकाल के दौरान आयोजित होने वाले अपने पांचवें आर्थिक सम्मेलन, जिसे अक्सर ‘रूसी दावोस’ कहा जाता है, की मेजबानी सेंट पीटर्सबर्ग में करेंगे। यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब रूस की सरकार आर्थिक वृद्धि को फिर से पटरी पर लाने के लिए नई रणनीति खोजने में जुटी है। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमलों और लंबे समय से जारी युद्ध ने रूसी अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव बना दिया है।
करीब 3 ट्रिलियन डॉलर की वस्तु-निर्यात आधारित रूसी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में तेज गिरावट आई है। वर्ष 2024 में 4.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के बाद 2025 में यह घटकर लगभग 1 प्रतिशत रह गई। वहीं 2026 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों ने इसके लिए ऊंची ब्याज दरों, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और मजबूत रूबल को जिम्मेदार ठहराया है। इस वर्ष आर्थिक वृद्धि केवल 0.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रूस के भीतर तेल रिफाइनरियों, उर्वरक संयंत्रों और बंदरगाहों को निशाना बनाया है। इन हमलों से देश की लगभग एक-चौथाई रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हुई है, जिससे ईंधन की कमी का खतरा भी बढ़ गया है।
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राष्ट्रपति पुतिन ने अधिकारियों से अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने के उपाय तलाशने को कहा है। हालांकि, कई कारोबारी नेताओं का मानना है कि विकास की सबसे प्रभावी रणनीति यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना होगी। व्यवसायिक समुदाय का कहना है कि जब भी अमेरिका की मध्यस्थता वाले शांति वार्ता प्रयासों से कोई सकारात्मक खबर आती है, रूसी शेयर बाजार में तेजी देखी जाती है, जो निवेशकों की सोच को दर्शाती है।
3 से 6 जून तक चलने वाले सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच में आर्थिक विकास मुख्य विषय रहेगा। सम्मेलन में श्रमबल को तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में स्थानांतरित करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने और उपभोक्ता मांग बढ़ाने जैसे उपायों पर चर्चा होने की संभावना है।
पूर्व केंद्रीय बैंक उपाध्यक्ष ओलेग व्युगिन ने कहा कि दोहरे अंकों की ब्याज दर, युद्ध के खर्च को पूरा करने के लिए बढ़ाए गए कर और घटते निवेश के कारण विकास हासिल करना बेहद कठिन होगा। वहीं एक्सपर्ट आरए रेटिंग एजेंसी के मुख्य अर्थशास्त्री एंटोन तबाख का कहना है कि उपभोक्ता खर्च और निवेश में कमी के बीच अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाला नया इंजन फिलहाल दिखाई नहीं देता।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस को आर्थिक ठहराव से बाहर निकलने के लिए किसी बड़े बाहरी प्रोत्साहन की आवश्यकता होगी, जैसे पश्चिमी प्रतिबंधों में ढील या विदेशी निवेश की वापसी। फिलहाल युद्ध और प्रतिबंधों के कारण रूसी अर्थव्यवस्था के सामने अनिश्चितता बनी हुई है।
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