पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम स्थानांतरित बताए जाने का राघव चड्ढा का दावा, आप ने किया पलटवार
राघव चड्ढा ने पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम ‘स्थानांतरित’ दर्ज होने का दावा कर आप पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। आप ने आरोप खारिज किए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को दावा किया कि पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम कथित तौर पर ‘स्थानांतरित’ यानी ‘शिफ्टेड’ के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने इसके लिए आम आदमी पार्टी (आप) को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ की कार्रवाई की जा रही है।
राघव चड्ढा ने कहा कि उनका नाम सूची से हटना महज लिपिकीय गलती नहीं, बल्कि राजनीतिक दुर्भावना का मामला है। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों से लेकर पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक विभिन्न स्तरों पर राज्य सरकार के कर्मचारी काम कर रहे हैं।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि आप सरकार के पास इन कर्मचारियों के तबादले, तैनाती और करियर से जुड़े अधिकार हैं, इसलिए उन पर राजनीतिक दबाव डाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से पार्टी नेतृत्व उनसे नाराज है और पंजाब पुलिस तथा प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक बदले के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग के एसआईआर दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 4(डी) का भी हवाला दिया। चड्ढा के अनुसार, इसमें सांसदों, विधायकों और न्यायाधीशों समेत जनप्रतिनिधियों के नामों को ‘संरक्षित सूची’ में रखने का प्रावधान है। उनका दावा है कि पंजाब से मौजूदा सांसद होने के बावजूद इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया।
आप ने आरोपों को खारिज किया
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने में पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है। पार्टी ने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के तहत होती है।
आप ने यह भी दावा किया कि चड्ढा अब दिल्ली में रहते हैं और अपना मतदाता पंजीकरण स्थानांतरित करना उनकी जिम्मेदारी थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के सूत्रों से उसे जानकारी मिली है कि चड्ढा राजेंद्र नगर, दिल्ली में अपना मतदाता पंजीकरण पिछली तारीख से कराने की कोशिश कर रहे हैं। आप ने कहा कि यदि ऐसा कोई गैरकानूनी प्रयास हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
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